रांची
पल्स हॉस्पिटल के बाद अब ED की टीम ने रांची के बरियातू स्थित बर्लिन हॉस्पिटल में दबिश दी है। इससे झारखंड के एक IAS अधिकारी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। बताया जा रहा है कि ये अधिकारी पिछले कई महीनों से ED के रडार पर हैं। बहरहाल मिल रही खबरों में बताया गया है कि ED की टीम बर्लिन अस्पताल की जमीन से जुड़े कागजात की पड़ताल कर रही है। अस्पताल की जमीन को लेकर पहले से सवाल उठते रहे हैं। ये भी कहा जा रहा है कि ED की टीम अस्पताल की जमीन की मापी भी करा सकती है। इससे अस्पताल के मालिकों और प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ है। बता दें कि ED की टीम इन दिनों झारखंड में जमीन घोटाला, खनन घोटाला सहित कई अन्य घोटालों की जांच कर रही है।

डेढ़ दर्जन आरोपी भेजे जा चुके हैं जेल
झारखंड में हुए घोटालों का पर्दाफाश करने के लिए ED की टीम संदिग्ध लोगों को लगातार समन भेज रही है। समन और फिर पूछताछ के बाद आज की तिथि में झारखंड के प्रशासनिक अधिकारी सहित लगभग डेढ दर्जन आरोपी जेल में बंद हैं। अभी भी कई आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। खनन घोटाले में प्रदेश के सीएम हेमंत सोरेन को भी समन किया था। लेकिन वे पूछताछ के लिए ED के समक्ष हाजिर नहीं हुए। इस मामले को विपक्ष की बेजेपी ने मुख्य मुद्दा बना रखा है। ED ने जिन प्रमुख लोगों को अब तक जेल की सलाखों के पीछे भेजा है, उनमें आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल, आईएएस छवि रंजन, सीएम के विधायक प्रतिनिधिन पंकज मिश्रा और सत्ता के गलियारों से नजदीकियां रखने वाले प्रेम प्रकाश के नाम मुख्य तौर पर लिये जा सकते हैं।

खारिज हो चुकी है पूजा सिंघल की जमानत याचिका
बता दें कि आईएएस पूजा सिंघल फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में जेल में बंद हैं। पिछले साल 6 मई को उनके ठिकानों पर छापेमारी हुई थी, जिसके बाद करोड़ों कैश बरामद हुए थे। 11 मई 2022 की शाम ईडी ने उनको गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह होटवार जेल में बंद हैं। हालांकि इस दौरान कई बार उनकी तबीयत खराब हुई, जिसके बाद उनको रिम्स में शिफ्ट किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने पूजा सिंघल की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। उनकी याचिका पर पिछले 14 दिसंबर को सुनवाई हुई थी।
